अपना परिवार नया एहसास की नियमावली
1. अपना परिवार नया एहसास की स्थापना 31 अक्टूबर 2024 ई0 को समाज के उच्च पदस्थ से लेकर अंतिम व्यक्ति तक तीव्र आर्थिक/शैक्षिक/न्यायिक/सामाजिक राहत पहुंचाने के लिए हुई है। शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग, सिंचाई विभाग, जल निगम विभाग, राजस्व विभाग, ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग, परिवहन विभाग, रेल विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, विद्युत विभाग, बैंक, पुलिस, होमगार्ड, कलेक्ट्रेट विभाग इत्यादि अन्य समस्त विभागों के सरकारी/संविदा/आउटसोर्सिंग कर्मचारी अधिकारी अपना परिवार नया एहसास की सदस्यता ले सकते हैं। वित्तविहीन विद्यालय/कॉलेज/मदरसा के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं प्रबंधक अपना परिवार नया एहसास की सदस्यता ले सकते हैं। प्राइवेट सेक्टर में कार्यरत समस्त कर्मचारी, अधिकारी, एडवोकेट, मीडियाकर्मी, प्रबंधक, डॉक्टर, इंजीनियर, नर्स अपना परिवार नया एहसास की सदस्यता ले सकते हैं। किसान, मजदूर, व्यवसाई, कारीगर, गृहिणी, छात्र छात्राएं अपना परिवार नया एहसास की सदस्यता ले सकते हैं। अपना परिवार नया एहसास व्यवसाय-पेशा की भावना से ऊपर उठकर आर्थिक मदद कराता है। अपना परिवार नया एहसास की सदस्यता हेतु प्रदेश का स्थाई निवासी होना या उत्तर प्रदेश में सरकारी/प्राइवेट किसी पद पर कार्यरत होना अनिवार्य है। सदस्यता प्राप्त करने की उम्रसीमा 18 वर्ष से लेकर 55 वर्ष तक रहेगा जबकि एक बार सदस्य बन जाने के उपरांत 60 वर्ष उम्र तक सदस्यता बनाए रखने की अनुमति है। सदस्यों की 60 वर्ष उम्र पूरा होते ही स्वतः सदस्यता समाप्त हो जाएगी। समस्त नियमों व शर्तों के अनुसार वेबसाइट के माध्यम से रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरके सदस्यता लिया जा सकता है। समस्त सदस्यों को वार्षिक 50 रूपए "अपना परिवार नया एहसास" को दान देना अनिवार्य है।
1(A) आज दिनांक 26/06/2025 से अपना परिवार नया एहसास में सदस्यता प्राप्त करने की उम्र सीमा न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 60 वर्ष किया जा रहा है, जबकि एक बार सदस्य बन जाने के उपरांत 65 वर्ष उम्र तक सदस्यता बनाए रखने की अनुमति दी जा रही है। सदस्यों की 65 वर्ष उम्र पूरा होते ही स्वतः सदस्यता समाप्त हो जाएगी। सदस्यता बनाए रखने के लिए अधिकतम उम्र सीमा 65 वर्ष समस्त सदस्यों के लिए है।
2. हर वर्ष ट्रस्ट को 50 रुपए वार्षिक दान देने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। अर्थात अपना परिवार नया एहसास की वैधानिक सदस्यता बनाए रखने के लिए ट्रस्ट को वार्षिक दान दिए हुए 1 वर्ष पूरे होने के बाद 15 दिन के अंदर वार्षिक दान देकर अपने प्रोफाइल में ट्रांजेक्शन स्क्रीन शॉट अपलोड करना अनिवार्य होगा।
2. (A) वार्षिक दान जमा करने के संबंध में 15 दिन की अतिरिक्त समय सीमा को बढ़ाकर 45 दिन किया जा रहा है। समस्त सदस्यों के लिए 15 दिन अतिरिक्त समय सीमा को बढ़ाकर 45 दिन किया गया है। निर्धारित समय सीमा में वार्षिक दान जमा नहीं करने वाले सदस्य की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाएगी एवं समस्त योजनाओं में अपात्र कर दिया जाएगा। (संशोधन तिथि 15-11-2025)
3. सूचनाओं के आदान प्रदान हेतु आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप/टेलीग्राम ग्रुप में जुड़ कर सूचनाओं से अपडेट रहना होगा। सूचना के अभाव में यदि आपके वैधानिकता पर कोई प्रभाव पड़ा तो उसके जिम्मेदार आप स्वयं होंगे।
4. यदि अपना परिवार नया एहसास के किसी वैधानिक सदस्य की असामयिक दुखद निधन हो जाती है तो अपना परिवार नया एहसास से जुड़े शेष अन्य सभी सदस्य संस्थापक मंडल द्वारा नियमानुसार आधिकारिक आह्वान पर निर्धारित न्यूनतम धनराशि सीधे दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के बैंक खाते में आर्थिक सहयोग भेजेंगे। आर्थिक सहयोग भेजकर वेबसाइट पर ट्रांजेक्शन डिटेल्स भरते हुए ट्रांजेक्शन रसीद अपलोड करना भी अनिवार्य है। वेबसाइट पर अपलोड रसीद की जांच आवेदन उपरांत की जायेगी। वर्तमान में आर्थिक सहयोग प्रति सदस्य न्यूनतम 50 रूपए निर्धारित किया जा रहा है। सदस्य संख्या के अनुसार प्रति सदस्य न्यूनतम धनराशि घटाने/बढ़ाने का अधिकार संस्थापक मंडल के पास सुरक्षित रहेगा।
5. समस्त सदस्यों की लॉक इन पीरियड 8 माह रहेगा। लॉक इन पीरियड में जारी समस्त सहयोग करना अनिवार्य है। लॉक इन पीरियड 8 माह से तात्पर्य है कि यदि कोई सदस्य 1 जनवरी को नियमानुसार रजिस्ट्रेशन किया, यदि उसी वर्ष उसकी मृत्यु 30 अगस्त की रात 12 बजे से पूर्व तक हो जाती है तो उसके नॉमिनी को सहयोग प्राप्त नहीं होगा।
(A) 21 मार्च 2025 से सदस्यता लेने वाले सदस्यों के लिए लॉक इन पीरियड 10 माह किया जा रहा है। लॉक इन पीरियड में जारी समस्त सहयोग करना अनिवार्य है।
(B) 21 मई 2026 से सदस्यता लेने वाले सदस्यों के लिए लॉक इन पीरियड 12 माह किया जा रहा है। लॉक इन पीरियड में जारी समस्त सहयोग करना अनिवार्य है।
6. वैधानिक सदस्यता के लिए लॉक इन पीरियड तक के समस्त सहयोग करना अनिवार्य है एवं लॉक इन पीरियड के बाद कुल 90% सहयोग करना अनिवार्य है। सदस्यता से लेकर मृत्यु तिथि तक 2 वर्ष से अधिक समयांतराल की स्थिति में मृत्यु की तिथि से 2 वर्ष पूर्व के बीच हुए कुल सहयोग का 90% सहयोग होना चाहिए।
7. अपना परिवार नया एहसास द्वारा सदस्यों की सुविधा हेतु हेल्पलाइन नंबर 7520128750 जारी किया गया है, जिस पर कॉल/व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से जानकारी का आदान प्रदान किया जा सकता है एवं तकनीकी सहायता प्राप्त किया जा सकता है।
8. संस्थापक मंडल वैधानिकता या किसी भी प्रकार के मामलों में जहां उचित समझेंगे अपने स्तर से परीक्षण करने व निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होंगे। कोई भी सदस्य/नॉमिनी आर्थिक सहयोग प्राप्त करने हेतु कानूनी दावा नहीं कर सकेगा, बल्कि टीम द्वारा वैधानिकता के संबंध में लिए गए निर्णय के आधार पर नैतिक रूप से आर्थिक सहयोग कराने का प्रयास किया जाएगा।
9. सहयोग के दौरान या उसके बाद यदि किसी सदस्य द्वारा गलती से अधिक राशि किसी सहयोग हो रहे/हो चुके नॉमिनी के खाते में भेज दिया तो उचित साक्ष्य प्रस्तुत करने पर नॉमिनी द्वारा वो धनराशि सीधे उस सदस्य के खाते में वापस करना पड़ेगा। गलती से भेजी हुई धनराशि को वापस कराने की गारंटी टीम नही लेगी किन्तु वापस करवाने हेतु सार्थक और पूर्ण प्रयास करेगी।
10. यदि किसी सदस्य द्वारा सदस्य बनने के बाद सहयोग नहीं किया गया या कुछ महीने/वर्षों सहयोग करने के बाद 1 या 1 से अधिक सहयोग छोड़ दिया, परिणामस्वरूप 90% सहयोग के दायरे में भी नहीं आता है या अवैधानिक हो जाता है, ऐसे स्थिति में लगातार 12 माह सहयोग करके और 12 माह का समय पूरा करके पुनः वैधानिक सदस्यता प्राप्त कर सकता है।
11. सदस्य द्वारा आत्महत्या की स्थिति में कोई आर्थिक सहयोग हेतु अपील नहीं की जाएगी। आत्महत्या के अलावा सभी तरह के मृत्यु पर आर्थिक सहयोग की अपील की जाएगी।
12. यदि सदस्य द्वारा बनाए गए नॉमिनी ने ही खुद सदस्य की हत्या की है तो ऐसे नॉमिनी को आर्थिक मदद नहीं किया जायेगा। ऐसे परिस्थिति में आवश्यकता पड़ने पर अपने स्वविवेक से संस्थापक मंडल दिवंगत सदस्य के यथोचित नॉमिनी का चयन करने के लिए स्वतंत्र होंगे।
13. अपना परिवार नया एहसास सीधे दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के खाते में आर्थिक सहयोग करवाती है इसलिए सहयोग प्राप्त करने हेतु किसी भी प्रकार की न्यायिक चुनौती देने का अधिकार किसी व्यक्ति या सदस्य के पास नहीं होगा।
14. कोई भी सदस्य अपना परिवार नया एहसास के खिलाफ दुष्प्रचार या अफवाह फैलाता है, बिना साक्ष्य या आकड़े प्रस्तुत किए आरोप लगाता है तो टीम उसकी सदस्यता रद्द करने व विधिक कार्यवाही हेतु स्वतंत्र होगी।
15. अपना परिवार नया एहसास के किसी पदाधिकारी के साथ कोई सदस्य अभद्र व्यवहार करते हुए या अपना परिवार नया एहसास विरोधी गतिविधि में लिप्त पाया गया तो पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उक्त सदस्य की सदस्यता रद्द कर दी जाएगी।
16. ट्रस्ट को दिए गए वार्षिक 50 रुपए दान से निम्नलिखित कार्यों में खर्च किया जायेगा।
A. वेबसाइट के निर्माण और संचालन में
B. ऐप बनवाने और संचालन में
C. जिला और प्रदेश कार्यालय खर्च हेतु
D. जिला और प्रदेश हेल्पलाइन नंबर पर नियुक्त स्टाफ को मानदेय देने में
E. दिवंगत सदस्य के घर स्थलीय सत्यापन में
F. प्रचार प्रसार प्रिंट सामग्री और सदस्यता अभियान में
G. समय समय पर नई तकनीकी लाने में ताकि प्रक्रिया पारदर्शी के साथ साथ आसान बन सके।
H. उत्तरप्रदेश के जरूरतमंद व्यक्तियों/छात्रों के हित में विभिन्न प्रकार का सहयोग करने में
“किसी भी निर्णय की स्थिति में वेबसाइट पर अपलोड नियमावली की प्रति ही मान्य होगी।”
नोट- 1. भविष्य में अपना परिवार नया एहसास के वैधानिक सदस्यों के लिए मार्ग दुर्घटना व गंभीर बीमारी के इलाज हेतु योजना और नियम बनाया जाएगा।
2. भविष्य में छात्रों के लिए उच्च शिक्षा/तकनीकी शिक्षा/सिविल सर्विसेज की पढ़ाई हेतु योजना और नियम बनाया जाएगा।
बेटी विवाह शगुन योजना की नियमावली
1. 23 फरवरी 2025 से "बेटी विवाह शगुन योजना" का शुभारंभ किया जा रहा है।
2. 23 फरवरी 2025 या 23 फरवरी 2025 के बाद रजिस्टर्ड सदस्यों के लिए लॉक इन पीरियड 12 माह निर्धारित है। स्थापना दिवस 31 अक्टूबर 2024 से 22 फरवरी 2025 तक रजिस्टर्ड सदस्यों के लिए लॉक इन पीरियड की बाध्यता हटाया जा रहा है।
(A) 21 मार्च 2025 से सदस्यता लेने वाले सदस्यों के लिए लॉक इन पीरियड 2 वर्ष किया जा रहा है। "बेटी विवाह शगुन योजना" में पात्रता के लिए लॉक इन पीरियड सिर्फ सदस्य का पूरा होना अनिवार्य है। सदस्य के बेटी का लॉक इन पीरियड पूरा होना अनिवार्य नहीं है।
(B) 21 मई 2026 से सदस्यता लेने वाले सदस्यों के लिए "बेटी विवाह शगुन योजना" में लॉक इन पीरियड ढाई वर्ष (30 माह) किया जा रहा है।
3. सदस्य द्वारा सदस्यता तिथि से बेटी की विवाह तिथि तक इस योजना में 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है। यदि सदस्य द्वारा बेटी विवाह शगुन योजना में 90% अवसरों पर सहयोग नहीं किया गया है तो आवेदन हेतु पात्र नहीं होगा।
4. इस योजना में पात्रता हेतु दिवंगत सदस्य के परिवार को सहयोग मामले में भी वैधानिक होना अनिवार्य है। अपना परिवार नया एहसास का वैधानिक सदस्य ही बेटी विवाह शगुन योजना में पात्र है। जो सदस्य नियमानुसार दिवंगत सदस्य के नॉमिनी को सहयोग नहीं किया है वह सदस्य बेटी विवाह शगुन योजना में पात्र नहीं है।
5. बेटी विवाह शगुन योजना में लाभार्थी सदस्य द्वारा लाभ के बाद न्यूनतम 10 वर्ष तक बेटी विवाह शगुन योजना के 90% अवसरों पर आर्थिक सहयोग करना अनिवार्य है। यदि लाभार्थी बेटी विवाह शगुन योजना में आगामी 10 वर्षों तक 90% अवसरों पर सहयोग नहीं किया तो समस्त आर्थिक सहयोग योजना में आर्थिक मदद हेतु स्वतः अवैधानिक हो जाएगा। यदि बेटी विवाह शगुन योजना में लाभ प्राप्त करने के बाद लाभार्थी इस योजना में आगामी 10 वर्षों तक 90% अवसरों पर सहयोग नहीं किया तो उक्त लाभार्थी अपना परिवार नया एहसास के समस्त आर्थिक लाभ योजना में स्वतः अपात्र हो जाएगा।
6. सदस्य के अधिकतम 2 जैविक पुत्रियां ही बेटी विवाह शगुन योजना में आर्थिक मदद हेतु पात्र हैं।
(A) यदि भाई अपने बहन की शादी में लाभार्थी है तो उक्त भाई अधिकतम 2 जैविक बहन या 2 जैविक बेटी या 1 जैविक बहन और 1 जैविक बेटी के विवाह में सहयोग प्राप्त करने हेतु पात्र है।
7. सदस्य के स्वयं के विवाह पर बेटी विवाह शगुन योजना लागू नहीं है
(A) यदि बेटी की जैविक माता-पिता दोनों जीवित नहीं हैं और बेटी की कोई जैविक भाई भी नहीं है तो बेटी स्वयं के विवाह पर बेटी विवाह शगुन योजना में सहयोग प्राप्त कर सकती है। बेटी (न्यूनतम उम्र 18 वर्ष) को सदस्य बनकर 2 वर्ष का लॉक इन पीरियड पूरा करना है। बेटी को सदस्य के रूप में सदस्यता तिथि से विवाह तिथि तक लगातार "बेटी विवाह शगुन योजना" व "आकस्मिक निधन" दोनों में अलग अलग न्यूनतम 90% अवसरों पर सहयोग करना है। यह नियम दिनांक 01/01/2026 से लागू है।
(B) यदि बेटी की जैविक माता-पिता दोनों 60 वर्ष उम्र से अधिक (over age) हैं, बेटी की कोई जैविक भाई नहीं है तो बेटी स्वयं के विवाह पर "बेटी विवाह शगुन योजना" में सहयोग प्राप्त कर सकती है। बेटी (न्यूनतम उम्र 18 वर्ष) को सदस्य बनकर निर्धारित लॉक इन पीरियड पूरा करना है। बेटी को सदस्य के रूप में सदस्यता तिथि से विवाह तिथि तक लगातार "बेटी विवाह शगुन योजना" व "आकस्मिक निधन" दोनों में अलग अलग न्यूनतम 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है। यह नियम दिनांक 21/05/2026 से लागू है।
।8. यदि पति पत्नी दोनों सदस्य हैं तो पति पत्नी में से कोई एक ही इस योजना में लाभ के पात्र हैं। अर्थात पति पत्नी दोनों में से कोई एक ही "बेटी विवाह शगुन योजना" में लाभ हेतु आवेदन कर सकेगा।
9. बेटी विवाह शगुन योजना में आवेदन हेतु सदस्य के जिस बेटी की विवाह के लिए मदद होना है वह बेटी भी अपना परिवार नया एहसास का सदस्य जरूर होना चाहिए। ऐसा इसलिए कि कोई सदस्य अपनी बेटी का विवाह 18 वर्ष उम्र से पूर्व न करे ताकि बाल विवाह पर भी रोक लगे।
(A) 21 मार्च 2025 से सदस्यता लेते समय यदि सदस्य की बिटिया 18 वर्ष उम्र पूरा कर चुकी है तो बिटिया का सदस्य बनना और "बेटी विवाह शगुन योजना" में 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य किया जा रहा है। सदस्यता लेते समय यदि सदस्य की बिटिया की उम्र 18 वर्ष नहीं पूरा है तो जैसे ही बेटी 18 वर्ष पूरा करती है तो बिटिया का सदस्य बनना और "बेटी विवाह शगुन योजना" में 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य किया जा रहा है।
(B)21 मार्च 2025 से सदस्यता लेने वाले सदस्यों के लिए नियमानुसार यदि सदस्यता लेते समय सदस्य की बेटी 18 वर्ष उम्र पूरा नहीं की है तो बेटी की उम्र 18 वर्ष पूरा होते ही सदस्य बनना है और "बेटी विवाह शगुन योजना" व "आकस्मिक निधन" में अलग अलग न्यूनतम 90% अवसरों पर सहयोग भी करना है, किन्तु यदि किसी कारण से बेटी 18 वर्ष उम्र पूरा होते ही सदस्य नहीं बन पाई तो बेटी को 18 वर्ष उम्र पूरा होने के अगले 6 माह बाद तक अनिवार्य रूप से सदस्य बन जाना है और सहयोग शुरू कर देना है। यदि सदस्यता लेते समय सदस्य की बेटी की उम्र 18 वर्ष या 18 वर्ष से अधिक की है तो नियमानुसार सदस्य के साथ ही बेटी को भी सदस्य बनना और "बेटी विवाह शगुन योजना" व "आकस्मिक निधन" में अलग अलग न्यूनतम 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है, किंतु यदि किसी कारण से सदस्य के साथ बेटी उसी दिन सदस्य नहीं बन पाई तो बेटी को अगले 6 माह बाद तक अनिवार्य रूप से सदस्य बन जाना है और सहयोग शुरू कर देना है। अर्थात बेटी को सदस्य बनने और सहयोग शुरू करने के लिए 6 माह का ग्रेस पीरियड (अतिरिक्त समय) दिया जा रहा है। यह नियम 21 मार्च 2025 से लागू किया जा रहा है।
10. बेटी विवाह शगुन योजना में प्रति सदस्य प्रति बेटी विवाह में अधिकतम 11 रुपए तक का आर्थिक सहयोग निर्धारित है। परिस्थिति अनुसार यह निर्धारित धनराशि घटाया बढ़ाया जाएगा।
11. अपना परिवार नया एहसास का जो सदस्य बेटी विवाह शगुन योजना में आर्थिक मदद नहीं करता है उसकी आकस्मिक निधन पर आर्थिक सहयोग योजना वैधानिकता प्रभावित नहीं होगी। आकस्मिक निधन पर आर्थिक सहयोग योजना वैधानिकता के लिए दिवंगत सदस्य के परिवार को नियमानुसार आर्थिक मदद करना अनिवार्य है।
12. अपना परिवार नया एहसास सीधे लाभार्थी के खाते में सहयोग करवाती है इसलिए सहयोग प्राप्त करने हेतु किसी भी प्रकार की न्यायिक या कानूनी चुनौती देने का अधिकार किसी व्यक्ति या सदस्य के पास नहीं है। बेटी विवाह शगुन योजना में सहयोग प्राप्त करना सिर्फ नैतिक अधिकार है, कानूनी अधिकार नहीं है।
13. "बेटी विवाह शगुन योजना" में विवाह तिथि से 30 दिन पूर्व आवेदन करना अनिवार्य है। ऐसा इसलिए कि स्थलीय सत्यापन और आर्थिक सहयोग कराने के लिए कम से कम 30 दिन का समय चाहिए।
14. यदि बेटी की माता-पिता दोनों जीवित नहीं हैं तो बेटी की जैविक भाई (न्यूनतम उम्र 18 वर्ष) खुद अपना परिवार नया एहसास में रजिस्ट्रेशन करेगा और निर्धारित लॉक इन पीरियड पूरा करके सदस्यता तिथि से विवाह तिथि तक "बेटी विवाह शगुन योजना" में 90% अवसरों पर सहयोग करके अपनी बहन की विवाह में सहयोग प्राप्त करने हेतु पात्र होगा। उक्त अनाथ बेटी की उम्र यदि 18 वर्ष पूरा नहीं है तो 18 वर्ष पूरा होते ही सदस्य बनना और "बेटी विवाह शगुन योजना" में 90% अवसरों पर सहयोग करना दोनों अनिवार्य रहेगा। विवाह में सहयोग हेतु आवेदन के समय जैविक भाई-बहन होने का प्रमाण एवं माता-पिता दोनों के मृत्यु का प्रमाण देना होगा। यह नियम दिनांक 26/06/2025 से लागू है।
15. यदि बेटी की माता-पिता दोनों 60 वर्ष उम्र से अधिक (Over Age) हैं तो बेटी की जैविक भाई (न्यूनतम उम्र 18 वर्ष) खुद अपना परिवार नया एहसास में सदस्य बनकर और निर्धारित लॉक इन पीरियड पूरा करके सदस्यता तिथि से विवाह तिथि तक "बेटी विवाह शगुन योजना" एवं "आकस्मिक निधन" में अलग अलग न्यूनतम 90% अवसरों पर सहयोग करके अपनी बहन की विवाह में सहयोग प्राप्त करने हेतु पात्र होगा। उक्त बेटी के लिए सदस्य बनने और सहयोग करने हेतु नियम नियमावली की क्रम संख्या 9 (B) लागू है। विवाह में सहयोग प्राप्त करने हेतु आवेदन के समय जैविक भाई-बहन होने का प्रमाण देना होगा। यह नियम दिनांक 01/01/2026 से लागू है।
16. माता या पिता अपनी बेटी की शादी में सहयोग प्राप्त करने के उद्देश्य से सदस्य बनकर नियमानुसार लगातार सहयोग कर रहे हैं। यदि सदस्य (पिता) की मृत्यु बेटी की शादी से पहले हो जाती है तो मृत्यु उपरांत माता सदस्य बनेगी, इस परिस्थिति में लॉक इन पीरियड सदस्य (पिता) के सदस्यता तिथि से जोड़ा जाएगा। इसी प्रकार सदस्य (माता) की मृत्यु होने पर पिता सदस्य बनेंगे, इस परिस्थिति में लॉक इन पीरियड सदस्य (माता) की सदस्यता तिथि से जोड़ा जाएगा। यदि "आकस्मिक निधन योजना" की लॉक इन पीरियड पूरा करने के बाद सदस्य (माता या पिता) की मृत्यु होती है तो इस परिस्थिति में नियमावली क्रम संख्या 16 लागू नहीं होगा।